Tha bain maa ka kabr par basti basaungi
था बैन मां का कब्र पर बस्ती बसाऊंगी
अकबर तुम्हें मैं ढूंढने जंगल में जाऊंगी
नाशाद नौजवान पुरअरमान मेरे लाल
तेरी लहर पर फूलों की चादर चढ़ाऊंगी
ए लाडले मेरे मुझे इसकी खबर न थी
ताबूत पर तुम्हारे में चादर चढ़ाऊंगी
जुल्फे तुम्हारी भर गई है लाल खून में
पानी अगर मिला तो मै जुल्फे धुलाऊंगी
कपड़े तुम्हारे भर गए हैं खाक ओ खून में
उठो तुम्हें लिबास शाहाना पहनाऊँगी
जो दिल में हसरतें थी वह सब ख़ाक हो गई
तुम मर गए मैं अब किसे दूल्हा बनाऊंगी
अरमान रो रहे हैं तुम्हारी जवानी पर
जब तक जिऊँगी खून के आंसू बहाऊँगी
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