Rat andhiyari aayi asghar ghar aa ja
रात अंधियारी आई असगर घर आजा..
मादर को भोली भाली शक्ल दिखा जा
असगर घर आजा... रात अंधियारी आई असगर घर आजा
*शम्मे मां रोशन कर दे फूल चढ़ा दे
अपनी तुरबत का रास्ता मां को बता जा
असगर घर आजा....... रात अंधियारी आई ....असगर घर आजा
*सूरत दिखलाजा मुझको दश्त से आकर
रोती हूं कब से असगर आके हंसा जा
असगर घर आजा ....रात अंधियारी आई ...असगर घर आजा
*खेमें के दर पर कब से खड़ी हूं असगर
दिल नहीं माने मेरा आ समझा जा
असगर घर आजा ...रात अंधियारी आई ...असगर घर आजा
*झूला में किसको झुलाऊं लोरी दूं किसको
उजड़ा है कब से झूला आके बसा जा
असगर घर आजा ...रात अंधियारी आई ...असगर घर आजा
*छुटकर मां से तुझको कैसे तुर्बत में
नींद अकेले आई कैसे बता जा
असगर घर आजा...रात अंधियारी आई....असगर घर आजा
*दिन डूबा रात आई तारीकी फ़ैली
अब तो ए मेरे दिलबर घर में आजा
असगर घर आजा ...रात अंधियारी आई ...असगर घर आजा
*हिलती है धरती रन की सुन सुन के नोहा
माहिर नाला है मां का आजा घर आजा
असगर घर आजा...रात अंधियारी आई ...असगर घर आजा
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