Hukm rehai paa gaye qaidi
हुक्म रिहाई पा गए कैदी
कर्बोबला में आ गए कैदी
बहन की है फरियाद, अब उठो मां जाए
कैसे बहन यसरब् जाए ......
*पीर है बाकी और ना जवान है
वह मेरे घर के चांद कहां है
हो गई मैं बर्बाद, अब उठो मां जाए
कैसे बहन यसरब् जाए.......
* बाज़ुओं में रस्सी के निशा है
किससे कहें जो दर्द नेहा है
क्यों ना करूं फरियाद, अब उठो मां जाए कैसे बहन यसरब् जाए.......
*बाजू बंधे थे बाल खुले थे
हम भी सरे दरबार खड़े थे
बैठे थे जल्लाद, अब उठो मां जाए
कैसे बहन यसरब् जाए .......
*शान थी क्या जब घर से चले थे
पर्दा किए घरवाले खड़े थे
सामा है वह याद, अब उठो मां जाए
कैसे बहन यसरब् जाए.......
*देके सदाए उनको बुलाओ
पर्दे का सामान कराओ
दिल हो बहन का शाद,अब उठो मां जाए
कैसे बहन यसरब् जाए.......
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